वेदोऽखिलो धर्ममूलम् - अर्थात् वेद ही विश्व के अखिल धर्म का आदि मूल हैं! प्रत्येक हिन्दू ग्रंथ वेद को ही अपना आधार घोषित करता है। वेद केवल मात्र हिन्दू के...
आचार्य राम शास्त्री जी द्वारा लिखित संस्कृत शिक्षण सरणी लेखक का अदभतु ग्रन्थ है। उनके अनुसार ग्रन्थ का प्रयोजन संस्कृत-भाषा का व्यावहारिक शिक्षण है। इस दृष्टि से इस ग्रन्थ में...
वाल्मीकीय रामायण का यह आर्यभाषा (हिंदी) संस्करण विशेष है। रामायण के उपलब्ध पाठभेदों में से शोध करके एवं प्रक्षेपों को दूर करके वह संस्करण बनाया गया है जो तार्किक हो,...
इस संकलन में अग्निवीर की 6 हिन्दी भाषा की पुस्तकें हैं | देश और धर्म संबंधी आवश्यक मुद्दों और उनके उपायों को प्रस्तुत करतीं ये पुस्तकें हर भारतीय और हिन्दू...
Commentary by Swami Jagdishwaranand Saraswati, in the world of classic literature the Mahabharat is unique in many respects, animating the heart of India over two thousand years past and destined...
भाग १: वैदिक तथा आर्ष पर्व यह पुस्तक प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के समृद्ध ताने-बाने में गहराई से उतरती है। इसमें शिक्षा प्रणाली, शासन, वर्णाश्रम धर्म, और वैदिक...
स्वातन्त्र्य वीर सावरकर कौन हैं? वह देशभक्तों में राज- कुमार, विद्वानों में महारथी, राजनीति में बर्क, क्रान्तिकारियों में शिरोमणि, सुधारकों में अग्रगण्य और हँसमुख योद्धा हैं, जिन्होंने कभी असफलता देखी...